मिथिला पंचांग

मैथिली पंचांग सौर कैलेंडर से अलग है। नया साल मेष संक्रांति (जुड़ शीतल) से शुरू होता है।

सोमवार, 27 जुलाई 2026
🪔आज का पंचांग🪔
मासअसाढ़
तिथिTrayodashi (त्रयोदशी) (Jul 26, 01:58 PM - Jul 27, 04:15 PM)
नक्षत्रMula (मूल)
पक्षशुक्ल पक्ष
योगSaubhagya (सौभाग्य)
करणKaulava (कौलव)
🌅
सूर्योदय05:09 AM
🌇
सूर्यास्त06:36 PM
🌌 Rashi (राशि)
Sun (सूर्य)कर्क
Moon (चन्द्र)धनु
✨ Abhijit Muhurta (अभिजीत मुहूर्त)11:25 AM - 12:19 PM
🌙 Moon Timings (चन्द्रोदय/चन्द्रास्त)
Moonrise05:12 PM
Moonset02:44 AM
⚠️अशुभ समय
राहु काल8:04 AM - 9:23 AM
यमगण्ड12:02 PM - 1:21 PM
गुलिक काल2:41 PM - 4:00 PM

🔮 दैनिक व्यक्तिगत शुभता जांचें

आज के दिन अपने ताराबल और चंद्रबल की शक्ति की गणना करने के लिए अपनी जन्म राशि और जन्म नक्षत्र का चयन करें।

बारह महीने

  • बैशाखअप्रैल - मई
  • जेठमई - जून
  • असाढ़जून - जुलाई
  • साओनजुलाई - अगस्त
  • भादोअगस्त - सितंबर
  • आसिनसितंबर - अक्टूबर
  • कातिकअक्टूबर - नवंबर
  • अगहननवंबर - दिसंबर
  • पूसदिसंबर - जनवरी
  • माघजनवरी - फरवरी
  • फगुनफरवरी - मार्च
  • चैतमार्च - अप्रैल

महत्व

कैलेंडर कृषि, त्योहारों और शादियों के लिए तारीखें तय करता है। मिथिला में 'सौराठ सभा' की एक अनूठी प्रणाली है, जहाँ 'पंजी प्रबंध' (वंशावली रिकॉर्ड) के आधार पर शादियों पर बातचीत की जाती है, जिसे अक्सर पंचांग के खिलाफ देखा जाता है।


संरचना

यह एक चंद्र-सौर कैलेंडर है। तिथियों की गणना चंद्रमा की स्थिति के आधार पर की जाती है। हालाँकि, नया साल (जुड़ शीतल) सौर है, जो मेष राशि में सूर्य के प्रवेश को दर्शाता है।

विशिष्ट विशेषताएँ

  • उष्णकटिबंधीय सौर

    कई चंद्र-सौर कैलेंडरों के विपरीत, मैथिली वर्ष 'मेष संक्रांति' (मध्य अप्रैल) से शुरू होता है, जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ मेल खाता है।

  • ज्योतिषीय सटीकता

    यह 'सौराठ सभा' के लिए सटीक समय निर्धारित करता है, जहां 'पंजी' (वंशावली रिकॉर्ड) के आधार पर विवाह तय किए जाते हैं।

📖 मूल स्कैन पंचांग पत्रक (36 पृष्ठ)

अपने ब्राउज़र में सीधे पारंपरिक मैथिली पंचांग २०२६-२०२७ के उच्च-रिजॉल्यूशन स्कैन किए गए पत्रकों को पृष्ठ-दर-पृष्ठ देखें।

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