मिथिला गाम निर्देशिका
मिथिलांचल कऽ पैतृक गाम, समृद्ध शिल्प केंद्र आ सांस्कृतिक वंशावली कें जानू।
सौरठ
प्रखंड: राजनगर
सौरठ सभा आ वैदिक विद्वता
सौरठ ऐतिहासिक रूप से वार्षिक 'सौरठ सभा' कऽ लेल प्रसिद्ध अछि, जे पारंपरिक पंजिकार अभिलेखक आधार पर विवाह संबंधक चर्चा कऽ लेल मैथिल ब्राह्मण लोकनिक एक पैघ जमावड़ा अछि। एतय प्राचीन सोमनाथ महादेव मंदिर सेहो अवस्थित अछि।
- सोमनाथ महादेव मंदिर
- पंजी वंशावली केंद्र
- पारंपरिक सौरठ सभा गाछी
जितवारपुर
प्रखंड: रहिका
मधुबनी चित्रकला आ राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता
जितवारपुर कऽ मधुबनी पेंटिंग (मिथिला कला) कऽ मुख्य केंद्रक रूप मे जानल जाएत अछि। ई गाम जगदम्बा देवी आ सीता देवी सहित कएक पद्म श्री पुरस्कार विजेता लोकनिक घर रहल अछि। एतय लगभग हर घर मे कैनवास, कागज आ कपड़ा पर सुंदर हस्तनिर्मित चित्र बनाओल जाएत अछि।
- पद्म श्री सीता देवी कऽ जन्मस्थली
- मिथिला पेंटिंग कारीगर कार्यशाला सभ
- प्राकृतिक रंग निष्कर्षण इकाइयाँ
रन्ती
प्रखंड: राजनगर
मिथिला कला आ महिला सशक्तिकरण
रन्ती मधुबनी शहर सँ सटल एक आउ प्रमुख कला गाम अछि। ई महासुंदरी देवी (पद्म श्री) आ गोदावरी दत्त सन दिग्गज कलाकार लोकनिक जन्म देलक अछि। गामक महिला सभ सामाजिक चेतना, शिक्षा आ वित्तीय स्वतंत्रताक लेल एक शक्तिशाली उपकरणक रूप मे ई पारंपरिक कला रूपक उपयोग कएल अछि।
- महासुंदरी देवी मेमोरियल सेंटर
- सामुदायिक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम
- पारंपरिक दीवार भित्तिचित्र दर्शन
मंगरौनी
प्रखंड: रहिका
तांत्रिक साधना स्थल आ बुढ़नाथ मंदिर
मंगरौनी ऐतिहासिक रूप से मिथिला मे तांत्रिक आ वैदिक विद्वान लोकनिक एक प्रमुख केंद्रक रूप मे प्रतिष्ठित अछि। ई बुढ़नाथ महादेव कऽ मंदिर आ देवी काली कऽ समर्पित प्राचीन पूजा स्थल सभक लेल अत्यधिक प्रसिद्ध अछि, जे आध्यात्मिक साधक लोकनिक आकर्षित करैत अछि।
- बुढ़नाथ महादेव मंदिर
- मंगरौनी संस्कृत पाठशाला
- प्राचीन काली स्थान
आंध्र ठाढ़ी
प्रखंड: आंध्र ठाढ़ी
कर्नाटक राजवंश पुरातत्व आ हस्तशिल्प
आंध्र ठाढ़ी मे मध्यकालीन कर्नाटक राजवंशक खंडहर आ पत्थरक मूर्ति सभ अवस्थित अछि। पुरातात्विक उत्खनन मे विष्णु आ सूर्यक उत्कृष्ट कारी बेसाल्टक मूर्ति सभ भेटल अछि। ई गाम माटिक बर्तनक निर्माणक लेल सेहो जानल जाएत अछि।
- कर्नाटक कालीन पाषाण मूर्ति सभ
- पारंपरिक माटिक बर्तनक कार्यशाला
- प्राचीन जलाशय (पोखरि)
पिलखवार
प्रखंड: लोहना
संस्कृत विद्वान आ हथकरघा बुनाई
पिलखवार मे प्रमुख संस्कृत विद्वान, कवि आ शिक्षक लोकनिक एक लंबी परंपरा रहल अछि। अपन बौद्धिक योगदानक संग-संग, ई गाम ऐतिहासिक रूप सँ पारंपरिक हथकरघा बुनाईक लेल प्रसिद्ध छल, जतय शुद्ध मैथिल खादी, धोती आ साड़ी बनाओल जाएत छल।
- महामहोपाध्याय विद्वान लोकनिक जन्मस्थली
- मैथिल खादी बुनाई विरासत
- वैदिक गुरुकुल कऽ नींव