मिथिला धरोहर: विरासत और स्मारक

नवलखा पैलेस (राजनगर)

📍 Mithila

नवलखा पैलेस (राजनगर)

नवलखा पैलेस, जो मधुबनी जिले के राजनगर में स्थित है, महाराजा रामेश्वर सिंह द्वारा २०वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है। इसे कभी 'मिथिला का ताज महल' कहा जाता था, क्योंकि इसकी नक्काशी और संगमरमर का काम मुगल और यूरोपीय शैलियों का एक उत्कृष्ट मिश्रण था। महाराजा ने राजनगर को अपनी नई राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी, और यह महल उस महत्वाकांक्षा का केंद्र था। महल परिसर के भीतर देवी दुर्गा और भगवान शिव को समर्पित भव्य मंदिर हैं, जिनकी दीवारों पर मैथिली वास्तुकला की बारीक छाप देखी जा सकती है। 'नवलखा' नाम के बारे में कहा जाता है कि केवल इसकी नींव पर ही नौ लाख चांदी के सिक्के खर्च हुए थे। दुर्भाग्य से, १९३४ के विनाशकारी भूकंप ने इस विशाल संरचना को गंभीर क्षति पहुँचाई, जिससे इसकी कई इमारतें खंडहर में बदल गईं। इसके बावजूद, आज भी खड़े इसके भव्य मेहराब, खंभे और विशाल द्वार राज दरभंगा के स्वर्ण काल की और उनकी कलात्मक रुचि की मूक गवाही देते हैं। यह स्थल अब एक महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण और शोध का केंद्र है, जो हमें प्रकृति की शक्ति और मानवीय कला के बीच के संघर्ष की याद दिलाता है।

योगदानकर्ता

✍️Mithilawasi Team

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