मिथिला धरोहर: विरासत और स्मारक

उच्चैठ भगवती

📍 Mithila

उच्चैठ भगवती

उच्चैठ भगवती मंदिर, मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में स्थित एक अत्यंत शक्तिशाली सिद्धपीठ है, जो संस्कृत के महान कवि 'कालिदास' के जीवन से जुड़ी एक चमत्कारी घटना के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि कालिदास अपनी युवावस्था में अत्यंत मूर्ख थे, लेकिन देवी काली की असीम कृपा और यहीं से प्राप्त आशीर्वाद के कारण वे महान विद्वान और कवि बने। मंदिर की मुख्य मूर्ति बिना सिर वाली (छिन्नमस्ता स्वरूप) है, जो इसकी तांत्रिक महत्ता को दर्शाती है। मंदिर एक टीले पर स्थित है और इसके पास एक प्राचीन संस्कृत पाठशाला है, जो इस क्षेत्र की शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। श्रद्धालु यहाँ अपनी बौद्धिक क्षमता और ज्ञान की कामना लेकर आते हैं। नवरात्रि के दौरान यहाँ का आध्यात्मिक वातावरण अत्यंत जीवंत हो उठता है। उच्चैठ भगवती न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह इस अटूट विश्वास का भी प्रमाण है कि देवी की कृपा से पत्थर भी अनमोल रत्न बन सकता है।

योगदानकर्ता

✍️Mithilawasi Team

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